
x
पति की विरासत संभालने आगे आईं श्वेता शर्मा
रांची: झारखंड के दिवंगत मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के अधूरे सपनों और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प उनकी पत्नी श्वेता शर्मा ने लिया है। रांची में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में श्वेता ने कहा कि वह अपने पति की तरह समाज के लोगों के साथ जुड़कर काम करेंगी और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगी। झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज की ओर से रविवार को रांची के पुराने विधानसभा सभागार में सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में उनकी पत्नी श्वेता शर्मा और पुत्री सृष्टि शर्मा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। दोनों ने सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान श्वेता शर्मा ने कहा कि उनके पति ने अपने जीवन में संघर्ष करते हुए राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने लोगों के बीच रहकर काम किया और विकास से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाया। अब उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए वह समाज के लोगों के साथ मिलकर काम करेंगी। श्रद्धांजलि सभा में झारखंड के पर्यटन विकास को लेकर भी चर्चा हुई। विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का सपना झारखंड को प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में विकसित करना था। इसके लिए वह लगातार काम कर रहे थे।
सुदिव्य कुमार सोनू के पास पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी रहने के दौरान राज्य में प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और इको टूरिज्म से जुड़े स्थलों के विकास पर काम आगे बढ़ाया गया था। जुलाई में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में भी राज्य के अलग-अलग जिलों में इको टूरिज्म की संभावनाओं, पर्यटन सर्किट और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर चर्चा हुई थी।
झारखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी जोर दिया गया था। पर्यटन को स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में योजनाएं तैयार करने की बात कही गई थी। सुदिव्य कुमार सोनू की प्राथमिकताओं में चतरा के कौलेश्वरी पर्वत पर रोपवे परियोजना भी शामिल थी। इस परियोजना के लिए तकनीकी स्तर पर स्थल निरीक्षण और मिट्टी जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। रोपवे के जरिए कौलेश्वरी पर्वत तक पहुंच आसान बनाने और इसे बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना थी। इसके अलावा झारखंड के पर्यटन स्थलों की डिजिटल ब्रांडिंग पर भी काम किया जा रहा था। प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों, कला और संस्कृति को डिजिटल माध्यमों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने की पहल की गई थी।
श्रद्धांजलि सभा में श्वेता शर्मा ने स्पष्ट किया कि वह पति के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगी। इससे पहले पीरटांड़ में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात के दौरान भी उन्होंने सुदिव्य कुमार सोनू के अधूरे विकास कार्यों और सपनों को पूरा करने की बात कही थी। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। श्वेता शर्मा राजनीतिक रूप से सक्रिय हुई हैं और उन्होंने झामुमो कार्यकर्ताओं से सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा है कि गिरिडीह के विकास को लेकर उनके पति ने जो सपने देखे थे, उन्हें लोगों के सहयोग से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। रांची में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में सुदिव्य कुमार सोनू के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को याद करने के साथ उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
Next Story





